250 फीसदी बढ़ा डिजिटल ट्रांजेक्शन

Garima Bharti | Nation1 Voice

Updated on : May 31, 2019


250 फीसदी बढ़ा डिजिटल ट्रांजेक्शन


डेस्क,नेसन वन वॉइस: मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान डिजिटल ट्रांजेक्शन में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। नवंबर, 2016 में हुए नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में खासी वृद्धि दर्ज की गई। इस कारण मोदी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल में इसमें करीब 250 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली। इस दौरान न सिर्फ एटीएम या डेबिट कार्ड के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन में तेजी देखने को मिली बल्कि क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। माना जा रहा है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इसे और तेजी मिलेगी। 

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच साल में न सिर्फ हाशिये पर रहे लोगों का बैंक खाता खुला बल्कि इन लोगों में डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर चलन बढ़ा। इसी कारण ग्रामीण इलाकों में एटीएम की संख्या बढ़ाई जाने लगी है। बैंकिंग कॉरोसपॉडेंट की मदद से भी पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के जरिए बैंकिंग गतिविधियां होने लगी हैं।
मई, 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की शुरुआत के वक्त बैंकों ने 40.17 करोड़ एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी किया था। मार्च, 2019 में यह संख्या करीब 130 फीसदी बढ़कर 92.46 करोड़ पर पहुंच गई। पांच साल में 52.29 करोड़ नए एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी हुए। वहीं, इस दौरान एटीएम सह डेबिट कार्ड से ट्रांजेक्शन में 107 फीसदी की वृद्धि हुई। मई, 2014 में डेबिट कार्ड के जरिए 62.73 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए, जो मार्च, 2019 में 67.16 करोड़ बढ़कर 1.29 अरब तक पहुंच गया।
मई, 2014 तक देश में बैंकों द्वारा जारी किए गए कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या 1.93 करोड़ थी। मार्च, 2019 में यह संख्या 143 फीसदी बढ़कर 4.70 करोड़ तक पहुंच गई। इस दौरान क्रेडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन में भी 243 फीसदी की वृद्धि देखी गई। मई, 2014 में क्रेडिट कार्ड से 4.74 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे, जो मार्च, 2019 में बढ़कर 16.32 करोड़ तक पहुंच गए। 
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में फिनटेक बाजार का वर्ष 2020 में 31 अरब डॉलर तक विस्तार होने की संभावना है। उद्योग निकाय एसोचैम के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत एक अरब से अधिक मोबाइल कनेक्शन और बायोमेट्रिक्स वाला एकमात्र देश है, जो फिनटेक प्रौद्योगिकी के प्रवेश की पर्याप्त गुंजाइश प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में फिनटेक स्टार्टअप के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश में चीन और अमेरिका जैसी परिस्थितियां नहीं हैं। चीन में सभी डाटा पर अलीबाबा और अमेरिका में गूगल एवं फेसबुक का अधिकार है, जबकि भारत में यह सिर्फ सरकार के स्वामित्व में है।

भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजारों में से एक है। भारतीय फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। पिछले तीन-चार साल में देश में फिनटेक बाजार में छह अरब डॉलर का निवेश हुआ है। -अमिताभ कांत, सीईओ, नीति आयोग

 

 



leave a comment

आज का पोल और पढ़ें...

फेसबुक पर लाइक करें

ट्विटर पर फॉलो करें


मनोरंजन सभी ख़बरें पढ़ें...

खेल-जगत सभी ख़बरें पढ़ें...

व्यापार सभी ख़बरें पढ़ें...